कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान मुजफ्फरनगर से एक ऐसी मानवीय घटना सामने आई, जिसने देशभर के लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली लौट रही एक गर्भवती महिला कांवड़िया को रास्ते में अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सूचना मिलते ही मुजफ्फरनगर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए महिला को जिला महिला चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसने जुड़वां बेटों को जन्म दिया। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा स्वयं अस्पताल पहुंचे और मां की सहमति से दोनों नवजातों का नाम ‘गणेश’ और ‘कार्तिकेय’ रखा। इस संवेदनशील और मानवीय पहल की देशभर में चर्चा हो रही है।

समय पर पुलिस की मदद से सुरक्षित हुई मां और दोनों नवजात
जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी शिवभक्त महिला अपने साथियों के साथ हरिद्वार और नीलकंठ से गंगाजल लेकर लौट रही थीं। यात्रा के दौरान उनका अपने समूह से संपर्क टूट गया और मुजफ्फरनगर पहुंचने पर उन्हें अचानक प्रसव पीड़ा होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए उन्हें जिला महिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की तत्परता और पुलिस के समन्वय से मां और दोनों नवजात सुरक्षित हैं। हालांकि समयपूर्व जन्म होने के कारण दोनों बच्चों को विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में भर्ती किया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
अस्पताल पहुंचे एसएसपी, रखा बच्चों का नाम
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी सिटी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की जानकारी ली और मां की सहमति के बाद दोनों नवजातों का नाम गणेश और कार्तिकेय रखा। एसएसपी ने नवजातों को उपहार भेंट किए, मां को फल दिए और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। उनका यह आत्मीय व्यवहार लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

पुलिस की संवेदनशीलता बनी मिसाल
कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर पुलिस पहले से ही सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सहायता में सक्रिय रही है। इस घटना ने पुलिस के मानवीय चेहरे को और मजबूत किया। समय पर अस्पताल पहुंचाना, स्वास्थ्य विभाग से समन्वय बनाना और बाद में स्वयं अस्पताल पहुंचकर परिवार का हौसला बढ़ाना, पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण माना जा रहा है।
“यह महादेव का आशीर्वाद है”
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस घटना को सावन और कांवड़ यात्रा के बीच भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर समय रहते कार्रवाई की, जिससे मां और दोनों बच्चों की जान सुरक्षित रही। उन्होंने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के प्रयासों की भी सराहना की।
सेवा, संवेदनशीलता और विश्वास की नई पहचान
कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान यह घटना केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण बनकर सामने आई। सुरक्षा के साथ सेवा और संवेदनशीलता का यह संदेश देशभर में लोगों तक पहुंचा। यही कारण है कि मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा की यह पहल व्यापक चर्चा का विषय बनी और लोगों ने इसे पुलिस के मानवीय चेहरे की प्रेरणादायक मिसाल बताया।











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