उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक गढ़ गंगा मेले ने इस वर्ष एक बार फिर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। श्रद्धा और संस्कृति के इस अद्भुत संगम ने न केवल घाटों पर आस्था की लहरें बहाई हैं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज कराई है।
ट्विटर पर #GarhGangaMela2025 तीसरे स्थान तक ट्रेंड किया, जिससे साफ है कि इस मेले की गूंज अब सिर्फ गंगा तट तक सीमित नहीं, बल्कि डिजिटल भारत तक फैल चुकी है।
आस्था का महापर्व, श्रद्धालुओं का सैलाब
गढ़ गंगा मेला सदियों पुरानी परंपरा का प्रतीक है। कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस मेले में देशभर से आए श्रद्धालु मां गंगा के पवित्र तट पर स्नान और दीपदान कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। यमुना और गंगा तट की घाटियाँ दीपों की रोशनी से आलोकित हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और उत्सव की भावना में डूबा हुआ है।

व्यवस्था में नयापन, सरकार की तत्परता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार इस बार मेले में “व्यवस्था और सुरक्षा” पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- मेले की सुरक्षा के लिए 5,000 से अधिक पुलिसकर्मी और ड्रोन कैमरे तैनात किए गए हैं।
- श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु रिज़र्व पुलिस लाइन, हेल्प डेस्क, और रातभर रोशनी की व्यवस्था की गई है।
- ट्रैफिक प्रबंधन के लिए कई डायवर्जन रूट्स बनाए गए हैं ताकि भीड़ में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
- स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए प्लास्टिक पर प्रतिबंध और अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

संस्कृति और लोक परंपरा का जीवंत मंच
गढ़ गंगा मेला केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि उत्तर भारत की लोकसंस्कृति का महोत्सव है। इस बार के आयोजन में लोक कलाकारों, रासलीला मंडलियों और पारंपरिक संगीतकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य मंच पर प्रतिदिन गंगा आरती, भजन संध्या, और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है, जो श्रद्धालुओं को अध्यात्म के साथ-साथ भारतीय परंपरा की गहराई से भी जोड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना मेला
ट्विटर पर #GarhGangaMela2025 के ट्रेंड में आने के बाद हजारों यूजर्स ने इस आयोजन की झलकियाँ साझा कीं। लोगों ने गंगा तट पर उमड़ी भीड़, दीपदान के दृश्य, और आरती की मनोहर झलकियों को लेकर अपने अनुभव साझा किए











Leave a Reply