30 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत के साथ कांवड़ यात्रा भी शुरू हो जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी लाखों शिवभक्त मेरठ से होकर गुजरेंगे। इसे देखते हुए मेरठ प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का एक भाग 7 अगस्त से बंद होने जा रहा है, जबकि 29 जुलाई से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगनी शुरू हो जाएगी। आम लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंजाम
मेरठ परिक्षेत्र के ADG भानु भास्कर लगातार कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर रहे हैं और अधिकारियों को सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पूरे कांवड़ मार्ग पर CCTV कैमरों से 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा और भीड़ वाले स्थानों पर लगातार नजर रखी जाएगी। नहरों पर गोताखोरों और नावों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
ट्रैफिक और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
यात्रा के दौरान ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए कई स्थानों पर बैरियर लगाए जाएंगे और जरूरत के अनुसार डायवर्जन लागू किए जाएंगे। कांवड़ियों के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था पहले से तय की जा रही है। इसके अलावा मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, पेयजल, साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी जरूरी सुविधाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। पुलिस प्रशासन इन सभी तैयारियों के लिए संबंधित विभागों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए अपील
ADG भानु भास्कर ने श्रद्धालुओं से तय कांवड़ मार्ग का ही इस्तेमाल करने, यातायात नियमों का पालन करने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, आम लोगों से भी यात्रा के दौरान जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है।
मेरठ पुलिस का कहना है कि इस बार भी प्रयास यही है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।


Leave a Reply