बॉर्डर पर लगे कैमरों की बदौलत सरकार को हुई ढाई करोड़ की कमाई

बॉर्डर पर लगे कैमरों की बदौलत एक तरफ जहां राजस्व को बड़ा मुनाफा हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ खनन माफियाओं की कमर टूटती नजर आ रही है।बागपत स्थित हरियाणा बॉर्डर पर लगे कैमरों ने दो साल में खनन सामग्री लदे ओवरलोड वाहनों के ढाई करोड़ के ऑनलाइन चालान काट दिए।

इससे हुई कमाई और असर को देखते हुए अब दस जिलों में कई जगहों पर कैमरे लगाकर कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिससे ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा जा सके। हरियाणा से खनन सामग्री लेकर आने वाले अधिकतर ट्रकों के ओवरलोड होने की शिकायत अधिकारियों को मिलती थी। इसे देखते हुए हरियाणा बॉर्डर पर निवाड़ा चौकी के पास 2021 में ऑनलाइन चालान काटने वाले कैमरे (चेकगेट) लगवा दिए गए। इसके बाद हरियाणा की तरफ से खनन सामग्री लेकर आने वाले ओवरलोड ट्रकों के ऑनलाइन चालान कटने लगे। पिछले महीने तक 637 ऑनलाइन चालान से दो करोड़ 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इस तरह की कार्रवाई और वसूली को देखते हुए सरकार ने अन्य जगहों पर कैमरे लगाकर मिनी कंट्रोल बनाने की तैयारी शुरू कर दी।


बागपत, शामली, सहारनपुर समेत दस जिलों में कंट्रोल रूम होंगे
खनन सामग्री लेकर आने वाले ओवरलोड ट्रकों के ऑनलाइन चालान कटने की स्थिति को देखते हुए अब बागपत, शामली, सहारनपुर, मथुरा, उन्नाव, सीतापुर, प्रयागराज, ललितपुर, सोनभद्र समेत अन्य दस जगहों पर कैमरे बढ़ाने और लगाने के साथ ही मिनी कंट्रोल रूम बनाने की तैयारी हो गई है। इसके लिए सर्वे हो चुका है और मिनी कंट्रोल को खनन विभाग के कार्यालय में बनाकर सड़कों पर लगे कैमरों को उससे जोड़ा जाएगा। यह इसलिए किया जा रहा है कि कुछ ट्रकों की नंबर प्लेट कपड़े से ढक दी जाती है और उस पर माइनिंग टैग भी नहीं लगाया जाता। इसलिए ऐसे ट्रक चालान कटने से बच जाते हैं। ऐसे में कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी उनपर नजर रखेंगे और ट्रक दिखते ही टीम को सूचना देकर पकड़वा देंगे।

Author: admin

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