छात्रवृत्ति रोके जाने से नाराज़ छात्राओं ने प्रदर्शन कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट अज़ीम अब्बासी

संभल।छात्राओं को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय से मिलने वाली छात्रवृत्ति बंद किए जाने से नाराज़ छात्राओं ने एसडीएम कोर्ट पहुंचकर ज़ोरदार प्रदर्शन किया। अपनी मांग को उठाते हुए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।

सोमवार को नवाब महमूद अंसारी गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने पैदल मार्च निकालकर सईद अख्तर इस्राइली के नेतृत्व में एसडीएम कोर्ट पहुंची। जहां उन्होंने बंद की गई छात्रवृत्ति को जारी करने की मांग करते हुए नारेबाजी की,छात्राओं के हाथ में स्लोगन लिखे पोस्ट दिखाई दिए जिसमें कहा गया कि सरकार छात्रवृत्ति नहीं देती कैसे पढ़े कैसे बढ़े बेटी, स्कॉलरशिप नहीं हुई हासिल शिक्षा पाना हुआ मुश्किल, हमे छात्रवृत्ति चाहिए, केंद्र सरकार हाय हाय, हमें शिक्षा हेतु वजीफा चाहिए आदि स्लोगन लिखे हुए दिखाई दिए। इसके बाद छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए छात्रवृत्ति की मांग करते हुए एसडीएम कोर्ट पर बैठ गई। काफी समय इंतजार करने के बाद एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी ने छात्राओं से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के नाम संबोधित ज्ञापन लेकर उनकी समस्याओं को सुना।

ज्ञापन में कहा गया कि हम सभी छात्राएं भारत सरकार से मांग करते हैं कि पिछले कई वर्षों से छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है जिससे छात्राओं के मनोबल बढ़ाने व आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है छात्राओं के छात्रवृत्ति फार्म भरवा का बायोमेट्रिक का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है परंतु अभी तक छात्राओं के खाते में प्रोत्साहन राशि नहीं आई है जिससे छात्राओं का मनोबल गिरा है गरीब एवं आवश्यक छात्राएं आगे की शिक्षा जारी रखने के लिए असमर्थ हैं उनका शिक्षा ग्रहण करने का उद्देश्य डगमगा रहा है अंत में उन्होंने अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से अनुरोध किया कि छात्राओं की छात्रवृत्ति जल्द आवंटित करने की मांग की।

विरोध प्रदर्शन करने वालों में रुश्दा, अरूबा, अफ़ीफ़ा, अफ्शा, कहकशा, निशा, ज़ुबिया, रीफा, सिदरा, मुस्कान, अलीना, मदीहा, अरीबा नूर, इंशा रानी, इकरा, सानिया, दानिया, नेहा अंजुम, रमशा, इल्मा, आबेदीन सत्तार, शबनूर, शुमाईला, ज़ैनब, उम्मेहनी, इंशा, अलीशा, महक, सानिया, नाज़िया, आसिफा, हानिया, मंतशा, खुशी, समरीन आदि छात्राएं मौजूद रही।

इस दौरान सईद अख्तर इस्राईली ने कहा कि बायोमेट्रिक पूरी होने के बाद नोडल अधिकारी बनने के बाद भी छात्राओं की स्कॉलरशिप नहीं दी जा रही है मुस्लिम छात्राओं के साथ भेदभाव की प्रक्रिया अपनाई जा रही है अगर छात्राओं को छात्रवृत्ति नहीं मिली तो आगे भी इसी तरह प्रदर्शन होते रहेंगे।

छात्रा अलीना ने बताया कि कई साल से विद्यालय में छात्रवृत्ति के फॉर्म भरे जा रहे हैं मगर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही है सरकार से अनुरोध है कि जल्द से जल्द छात्रवृत्ति आवंटित की जाए आगे उन्होंने कहा कि सरकार ने नारा दिया था बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ न बेटी बच रही है और न बेटी पढ़ रही है इसलिए हमारा अनुरोध है कि हमें छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए जिससे कि हम आगे शिक्षा ग्रहण कर सकें।

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *