झूठा निकला अजमेर दरग़ाह में मन्दिर होने का दावा,परिसर में नही है स्वस्तिक चिन्ह वाली जाली

नई दिल्ली।ज्ञानवापी मस्जिद के बाद अब राजस्थान में स्थित मुस्लिम सूफ़ी संत ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ की दरगाह शरीफ को हिंदू मंदिर होने का दावा किया गया है. इसको लेकर अजमेर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.बताते चलें कि एक संगठन ने स्वास्तिक चिह्न वाले फोटो शेयर किए गए थे. बताया गया कि यह जाली दरगाह शरीफ में है. इसी चिह्न के आधार पर कहा गया कि वह हिंदू मंदिर है, लेकिन जांच में सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में किसी भी हिस्से में ऐसी जाली नहीं मिली, जिस पर स्वास्तिक का निशान बना हुआ हो. न ही वैसे पत्थर मिले, जैसे महाराणा प्रताप सेना संगठन द्वारा जारी की गई तस्वीर में नजर आ रहे हैं. इन इमारतों में भी कहीं भी किसी पत्थर में ऐसे प्रतीक या चिह्न नहीं मिले हैं.इस बात से यह साफ़ स्पष्ठ होता है कि जो दावा दरग़ाह परिसर के बारे में किया जा रहा था वह सरासर झूठा है।